Thursday, December 9, 2010

बाद मुद्दत उन्हें देख कर यूँ लगा





बाद मुद्दत उन्हें देख कर यूँ लगा
जैसे बेताब दिल को क़रार आ गया

आरज़ू के गुल मुस्कुराने लगे
जैसे गुलशन में बहार आ गया

तिशना नज़रें मिली शोख नज़रों से जब
मए बरसने लगी जाम भरने लगे
साक़िया आज तेरी ज़रूरत नहीँ
बिन पिय बिन पिलाए खुमार आ गया

रात सोने लगी सुबह होने लगी
शम्मा बुझने लगी दिल मचलने लगे
वक़्त की रोशनी में नहाई हुई
ज़िंदगी पे अजब सा निखार आ गया

- सुदर्शन 'फकीर'


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किया है प्यार जिसे हमने जिंदगी की तरह





किया है प्यार जिसे, हमने जिंदगी की तरह..
वो आसनां भी मिला, हमसे अजनबी की तरह..

बढा के प्यास मेरी, उसने हाथ छोड़ दिया..
वो कर रहा था मुरौव्वत भी दिल्लगी की तरह..

किया है प्यार जिसे, हमने जिंदगी की तरह..
वो आसनां भी मिला, हमसे अजनबी की तरह..

किसे खबर थी बढेगी, कुछ और तारीखी..
छुपेगा वो किसी बदली में चांदनी की तरह..

किया है प्यार जिसे, हमने जिंदगी की तरह..
वो आसनां भी मिला, हमसे अजनबी की तरह..

कभी ना सोचा था हमने कतील उसके लिये..
करेगा वो भी सितम हमपे, हर किसी की तरह..

किया है प्यार जिसे, हमने जिंदगी की तरह..
वो आसनां भी मिला, हमसे अजनबी की तरह.


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