Wednesday, August 18, 2010

दिन कुछ ऐसे गुजारता है कोई


"હર એક ગમ નિચોડ કે, હર એક રસ જિએ,
દો દિન કી ઝિંદગી મેં, હજારોં બરસ જિએ....."
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गुलज़ार

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Tuesday, August 10, 2010

तुम को हम दिल में बसा लेंगे तुम आओ तो सही



तुम को हम दिल में बसा लेंगे तुम आओ तो सही

सारी दुनिया से छुपा लेंगे तुम आओ तो सही

एक वादा करो अब हम से न बिछडोगे कभी
नाज़ हम सारे उठा लेंगे तुम आओ तो सही

बेवफ़ा भी हो , सितमगर भी , जफा के शाह भी
हम खुदा तुम को बना लेंगे तुम आओ तो सही

राह तारीक है और दूर है मंजिल लेकिन
दर्द की शम्में जला लेंगे तुम आओ तो सही






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Wednesday, June 30, 2010

गरज बरस प्यासी धरती पर फिर पानी दे मौला



गीतकार - नीदा फाजली




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कभी यूँ भी आ मेरी आँख में





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Friday, May 21, 2010

कौन आएगा यहाँ




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Tuesday, May 18, 2010

आप से गिला आपकी कसम



आप से गिला आपकी कसम
सोचते रहे ,कर सके न हम

उसकी क्या खता लादवां हैं ग़म
क्यों गिला करें चारागर से हम

ये नवाजिशें,और ये करम
ज़ब्ते-शौक से मर न जायें हम

खींचते रहे उम्रभर मुझे
इक तरफ़ खुदा इक तरफ़ सनम

ये अगर नहीं,यार की गली
चलते-चलते क्यों रुक गए कदम

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Tuesday, April 20, 2010