
"હર એક ગમ નિચોડ કે, હર એક રસ જિએ,
દો દિન કી ઝિંદગી મેં, હજારોં બરસ જિએ....."
- गुलज़ार
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दिन कुछ ऐसे गुजारता है कोई

तुम को हम दिल में बसा लेंगे तुम आओ तो सही
सारी दुनिया से छुपा लेंगे तुम आओ तो सही
एक वादा करो अब हम से न बिछडोगे कभी
नाज़ हम सारे उठा लेंगे तुम आओ तो सही
बेवफ़ा भी हो , सितमगर भी , जफा के शाह भी
हम खुदा तुम को बना लेंगे तुम आओ तो सही
राह तारीक है और दूर है मंजिल लेकिन
दर्द की शम्में जला लेंगे तुम आओ तो सही
तुम को हम दिल में बसा लेंगे तुम आओ तो सही

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आप से गिला आपकी कसम